Wednesday, February 13, 2008

shairy

Last edited February 13, 2008
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1 comment:

pawan said...

मुझसे जितना भी हो सका मैंने अलग-अलग वेबसाइट्स से इन चुटकिलो का अंग्रेजी से अपनी मात्र भाषा में रूपांतरण किया हैं ताकी और लोग भी जिन्हें अंग्रेजी आती नही हैं या हिन्दी में लतीफे या चुट्किले पढना पसंद करते हैं वो इन सब को पढ सके और पुरा आनंद उठा सके. मुझे हमेशा से लगता था की एक हिन्दी में जोक्स या लतीफों की साईट होनी चाहिए इसलिए मैंने अपना पहला कदम इस ओर बढाया हैं. मैं आशा करता हूँ की आप मेरे द्वारा प्रकाशित इन चुटकिलो में से कुछ अपने चिट्ठे पे छापेंगे. धन्यवाद, पवन कुमार मल्ल एक आम हिन्दुस्तानी